प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में साफा बांधने की अपनी परंपरा के अनुसार आज लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए केसरिया रंग का साफा पहना.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में साफा बांधने की अपनी परंपरा को जारी रखते हुए आज लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए केसरिया रंग का साफा पहना, जिसकी किनारी लाल बंधेज की थी. मोदी ने प्रधानमंत्री के तौर पर 2014 में अपने पहले संबोधन के दौरान नांरगी और हरे रंग का जोधपुरी साफा बांधा था. वर्ष 2015 में भी वह लाल एवं हरे रंग की पट्टियों वाला साफा पहने नजर आए थे जबकि 2016 में उन्होंने लाल-गुलाबी-पीले रंग का राजस्थानी साफा पहना था. पिछले साल प्रधानमंत्री ने क्रीम और पीले-लाल रंग का साफा पहना था. देश आज 72वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है .
पीएम मोदी ने आज लालकिले की प्राचीर से 82 मिनट का भाषण दिया जो 15 अगस्त को दिया गया उनका तीसरा सबसे बड़ा संबोधन रहा. प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल यानी वर्ष 2017 में स्वतंत्रता दिवस पर अपना सबसे छोटा भाषण दिया था. तब उनका भाषण 54 मिनट का था. मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में 15 अगस्त 2014 को लाल किले की प्राचीर से पहली बार देश की जनता को संबोधित किया था. उस समय उन्होंने 65 मिनट का भाषण दिया था. इसके बाद साल 2015 में उनका संबोधन 86 मिनट तक चला था और 2016 में उनका भाषण डेढ़ घंटे से अधिक समय तक चला था. 2016 में उन्होंने 94 मिनट का भाषण दिया था.
काश्मीर पर बोलते हुए उन्होंने कहा हम गोली के रास्ते नहीं बल्कि गले लगा कर आगे बढ़ना चाहते हैं . आने वाले कुछ ही महीनों में कश्मीर में गांव के लोगों को अपना हक जताने का अवसर मिलेगा और पंचायत चुनाव होंगे.
और भी खास बातें जो उन्होंने आज लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बार
कहीं – प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान, देश की अर्थव्यवस्था में सुधार, मुद्रा योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन के सकारात्मक प्रभाव, जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर, माओवाद, किसानों, तीन तलाक विरोधी विधेयक और कई अन्य मुद्दों के बारे में बात की.
श्री मोदी ने कहा कि देश की अपेक्षाएं और आवश्यकताएं बहुत हैं, उन्हें पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को निरंतर प्रयास करना है. मोदी ने कहा कि उनका मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास’ है और इसमें कोई ‘तेरा..मेरा नहीं और कोई भाई भतीजावाद’ नहीं होगा. हर भारतीय का कौशल विकास हो, हर भारतीय को आवास मिले, हर भारतीय को सुरक्षा मिले, इस मंत्र को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को उम्मीद भरी नज़रों से देख रही है. आज हम कारोबार की सुगमता में अच्छी रैंकिंग पर पहुंचे हैं, हर कोई आज भारत की ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ नीति की तारीफ कर रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि नयी ऊर्जा और परिश्रम की पराकाष्ठा के साथ देश नयी ऊंचाईयां हासिल कर रहा है. पीएम मोदी ने कहा, ‘हम कड़े फैसले लेने की सामर्थ्य रखते हैं क्योंकि हमारे लिये देश हित सर्वोपरि है, दलहित हमारे लिये मायने नहीं रखता है.’ उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न संसद का मानसून सत्र पूरी तरह से सामाजिक न्याय को समर्पित था, जहां दलित, शोषित, पीड़ित वंचित वर्गों के हितों पर संवेदनशीलता का परिचय दिया गया और ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने संबंधी विधेयक पारित हुआ. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि दुनिया में भारत की न केवल अपनी साख हो बल्कि उसकी धमक भी हो.’ उन्होंने कहा कि गरीबों को न्याय मिले, जन जन को आगे बढ़ने का मौका मिले, मध्यम वर्ग को आगे बढ़ने में कोई समस्या न आये, यह हमारा प्रयास है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक वह अनुभव कर रहे हैं कि सवा सौ करोड़ देशवासी सिर्फ सरकार बनाकर रुके नहीं, बल्कि वे देश बनाने में जुटे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि वर्षों से किसानों को उनकी फसल की लागत का डेढ़ गुना एमएसपी देने की मांग थी जिसे हमने पूरा किया.उन्होंने कहा कि शुरू में कठिनाइयों के बावजूद देश ने जीएसटी को अपनाया और व्यापारियों का भरोसा बढ़ा है. उन्होंने कहा कि जब हौसले बुलंद होते हैं, देश के लिए कुछ करने का इरादा होता है तो बेनामी संपत्ति का कानून भी लागू होता है. मोदी ने कहा कि कभी भारत की गिनती कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में होती थी लेकिन आज देश अरबों डालर के निवेश का बेहतर गंतव्य बन गया है. उन्होंने कहा कि बदलाव का ही नतीजा है कि दुनिया के नेतृत्वकर्ता भारत के लिये कह रहे हैं कि सोया हुआ हाथी अब जाग चुका है, आने वाले तीन दशक तक भारत विश्व को गति देगा. ऐसा विश्वास आज भारत के लिये पैदा हुआ है. उन्होंने कहा कि दुनिया भर के अर्थशास्त्री अब मानने लगे हैं कि भारत अगले तीन दशक तक वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति देता रहेगा. पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले दुनिया की गणमान्य संस्थाएं और अर्थशास्त्री हमारे देश के लिए कहते थे कि हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था में बहुत जोखिम है. वही लोग आज हमारे सुधारों की तारीफ कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि एक समय था जब पूर्वोत्तर को लगता था कि दिल्ली बहुत दूर है लेकिन हमने दिल्ली को पूर्वोत्तर के दरवाजे पर खड़़ा कर दिया है. पूर्वोत्तर में आज हाईवेज़ से लेकर ई.वेज़ तक की चर्चा हो रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना के तहत 13 करोड़ लोगों और उद्यमियों को कर्ज दिये गये जिनमें से चार करोड़ युवाओं ने पहली बार कर्ज लिया और स्वरोजगार को बढ़ाया. उन्होंने कहा कि मैं बेचैन हूं, देश को आगे ले जाने के लिये, बच्चों को कुपोषण से मुक्त बनाने के लिये. मैं व्यग्र हूं ताकि देश के लोगों को जीवन जीने की सुविधा मिल सके. पीएम मोदी ने कहा कि 2022 तक देश का कोई भी बेटी बेटा अंतरिक्ष पर पहुंच सकता है. हमारा देश बुहत तेजी से बढ़ रहा है. – हमारा सारा ध्यान कृषि में आधुनिकता लाना है. ताकि मेरे देश का किसान किसी भी तरह से परेशान न हो. हम किसान की आय दोगुना करना चाहते हैं. पहले लोगों ने खादी लेना छोड़ दिया था लेकिन अब खादी की बिक्री डबल हो रही है.




