230 सीटों की मध्य प्रदेश विस में कांग्रेस 114 व भाजपा 108 विधायक, बहुमत का आंकड़ा 116
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा- आदेश मिला तो 24 घंटे के भीतर सरकार गिरा देंगे
मुख्यमंत्री कमलनाथ का जवाब- आपके नंबर 1 और नंबर 2 समझदार हैं इसलिए आदेश नहीं दिया
भोपाल. भाजपा को मध्यप्रदेश में बड़ा झटका लगा है, दो भाजपा विधायक जिनमें मैहर से नारायण त्रिपाठी व ब्यौहारी के विधायक शरद कोल शामिल हैं काँग्रेस सरकार के साथ आ गए हैं. बताया जा रहा है की गोवा , कर्नाटक के बाद भाजपा की निगाह मध्यप्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस की सरकारों पर है जिससे बचाने और अपनी सरकारों को मजबूत करने के उपाय इन राज्यों के कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने शुरू कर दिए हैं .
कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिरने के बाद देश भर में कांग्रेस की सरकारों में सबसे पहले मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कमलनाथ सरकार गिराने की चेतावनी दी. उन्होंने बुधवार को विधानसभा में कहा कि अगर हमारे ऊपर वाले नंबर 1 और 2 का आदेश हुआ तो कांग्रेस सरकार 24 घंटे भी नहीं चलेगी. भाजपा नेता के बयान पर सदन में हंगामा हुआ. माना गया कि उनका आशय मोदी जी और अमित शाह जी से था क्योकि इसी आशय का बयान पत्रकारों के समक्ष कैलाश विजयवर्गीय पहले दे चुके हैं. हालांकि, इसके कुछ घंटे बाद ही सदन में सदन में दंड विधि विधेयक पर वोटिंग हुई. कमलनाथ ने कहा कि हमारे पक्ष में भाजपा के दो विधायकों ने वोटिंग की.
श्री नाथ ने दावा किया कि मैहर से भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी और शहडोल के ब्यौहारी विधानसभा से शरद कोल ने हमारे पक्ष में वोट डाले. वोटिंग के बाद मंत्री पीसी शर्मा ने दावा किया कि भाजपा के और विधायक भी मुख्यमंत्री कमलनाथ के संपर्क में हैं. कमलनाथ सरकार को गिराने की कोशिशों के बीच भाजपा को बड़ा झटका लगा है. विधानसभा में शक्ति परीक्षण के बीच सरकार को बहुमत मिलने के साथ ही भाजपा बेनकाब भी हुई है.
विधेयक की वोटिंग से स्पष्ट हुआ, हमारी सरकार अल्पमत में नहीं- नाथ: वोटिंग के बाद सदन की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. कमलनाथ ने कहा कि मुझे ये बात साबित करनी थी कि ये सरकार अल्पमत में नहीं थी और आज विधेयक के पक्ष में हुई वोटिंग से ये साफ हो गया है. इतना ही नहीं बसपा, सपा और निर्दलीय विधायक भी हमारे साथ हैं. इससे पहले सीएम ने कहा- राजनीतिक जीवन में मेरे ऊपर कोई दाग नहीं है. यहां बैठे हमारे विधायक बिकाऊ नहीं हैं। क्रॉस वोटिंग करने वाले शरद त्रिपाठी ने कहा कि, मेरी घर वापसी हुई है.
हमने मत विभाजन की मांग ही नहीं की थी, हम समर्थन करना चाहते थे- भार्गव: नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा- हमने विधेयक पर मत विभाजन की मांग नहीं की थी. ये मांग बसपा विधायक ने की, जो पहले से ही कांग्रेस के साथ थे. विधेयक पर हम सरकार का समर्थन करना चाहते थे. मत विभाजन की स्थिति जानबूझकर सदन में पैदा की गई. अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कहा कि है कि विधायकों के दलबदल की जानकारी उनके पास नहीं आई है. जब आएगी तो कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी.
भार्गव ने कहा- कर्नाटक से चली हवा मध्य प्रदेश तक पहुंचेगी: भाजपा नेता कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार गिरने के बाद सुबह से ही मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस सरकार की उल्टी गिनती शुरू होने को लेकर बयान दे रहे थे. विधानसभा के बाहर गोपाल भार्गव ने कहा था कि कर्नाटक से चली हवा अब मध्य प्रदेश तक पहुंचेगी. प्रदेश में लूट-खसोट का माहौल है. जल्द ही मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस सरकार का पिंडदान होने वाला है.
मध्य प्रदेश विधानसभा में दलीय स्थिति
| पार्टी | विधायक | पार्टी | विधायक | ||
|
114
108 2 |
सपा
निर्दलीय रिक्त |
1
4 1 |
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| कुल सीट: 230 | बहुमत के लिए: 116
|
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