रायपुर:- सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) के मुद्दे पर भारत की राजधानी दिल्ली हिंसा की चपेट में है। उत्तर-पूर्वी इलाके में आगजनी और पथराव के चलते अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं धान खरीदी को लेकर छत्तीसगढ़ में बवाल मचा हुआ है। सड़क से लेकर सदन तक हंगामा मचा हुआ है। किसान सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं तो दूसरी तरफ विपक्ष भी इसी मुद्दे पर सदन में सरकार को घेर रही है।
हिंसा: मौजपुर में गोलियां चलीं और भजनपुरा हुई पत्थरबाजी, चार जगहों पर बिगड़े हालात
नई दिल्ली:- नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के मुद्दे पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन पथराव और आगजनी हुई। उपद्रवियों ने मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास दो गुटों में झड़प के दौरान गोलियां चलीं। इस दौरा एक मीडियाकर्मी गोली लगने से जख्मी हो गया। भीड़ ने भजनपुरा और ब्रह्मपुरी इलाके में भी पत्थरबाजी की, गोकलपुरी में फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों समेत कई वाहनों में आग लगाई। इससे पहले सोमवार रात 3 बजे तक उत्तर-पूर्वी दिल्ली में आग लगने की 45 कॉल आईं। इससे पहले जाफराबाद और मौजपुर इलाके में सोमवार को हिंसक झड़पों में हेड कॉन्स्टेबल समेत 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 135 लोग जख्मी हैं।
जीटीबी अस्पताल के मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि सोमवार को 5 और मंगलवार को 4 लोगों की मौत हुई। इधर, जाफराबाद और मौजपुर इलाके में पिछले तीन दिन हुई हिंसा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपराज्यपाल अनिल बैजल और पुलिस के आला अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान दिल्ली में पीस कमेटी को फिर से सक्रिय करने पर फैसला हुआ। केजरीवाल ने बताया कि गृह मंत्री ने हालात सामन्य करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया है। सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है। उधर, हिंसक घटनाओं को लेकर एक्टिविस्ट हर्ष मंदर ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर भड़काऊ बयान देने वाले नेताओं पर कार्रवाई की मांग की। इस मामले में बुधवार को सुनवाई होगी।
इन इलाकों में एक माह के लिए धारा 144 लागू
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर, कर्दमपुरी, चांद बाग, भजनपुरा और दयालपुर समेत सभी थाना क्षेत्रों में एक महीने के लिए धारा 144 लागू कर दिया गया है। हिंसा प्रभावित इलाकों में अर्धसैनिक बलों की 35 कंपनियां तैनात की गईं हैं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में मंगलवार को सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहे। बोर्ड और अन्य परीक्षाएं स्थगित की गईं।
आर्डर का इंतजार करती रही पुलिस
पुलिस ने वक्त पर कार्रवाई नहीं की, वे आला अधिकारियों के निर्देशों का इंतजार करते रहे। कई लोग दिल्ली में दूसरे राज्यों से आए थे। हिंसा में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए दिल्ली के बॉर्डर को सील करने की जरूरत है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं।
– अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री, दिल्ली



