रायपुर। मेट्रो शहरों की तर्ज पर केनाल रोड पर चार साल पहले आधुनिक बस शेल्टर का निर्माण किया गया। इसके निर्माण में पंडरी से लालपुर तक सड़क पर लगभग 1 करोड़ रुपए खर्च किए गए। 10 बस शेल्टर और जनसुविधा केंद्र बनाए गए, ताकि बस या सवारी वाहनों का इंतजार कर रहे लोगों को दिक्कत न हो। ये जनसुविधा केंद्र पिछले एक साल से पूरी तरह बंद हैं और बिजली कटने से अंधेरे में डूब गए हैं। मैंटनेंस के अभाव में ये जर्जर हो गए हैं शीशे तोड़ दिए गए हैं और टाइल्स भी उखड़ गई है। अंधेरा और विरान होने से रात में ये असामाजिक तत्वों और नशेडिय़ों का अड्डा भी बन गये हैं।
यूटिलिटी सेंटर के साथ आधुनिक बस शेल्टर का कांसेप्ट नवा रायपुर में लागू किया गया था। वहां सेंट्रल एवेन्यू के कई जनसुविधा केंद्र आबाद हैं, इसलिए सरकारी एजेंसियों ने इसे केनाल रोड पर भी लांच कर दिया। चूंकि यह सड़क पीडब्ल्यूडी ने बनाई थी, इसलिए उसी ने जनसुविधा केंद्रों को बनाने का जिम्मा भी लिया। सालभर में निर्माण पूरा होने के बाद ये सेंटर नगर निगम के हैंडओवर कर दिए गए और उसी के बाद से इनकी बर्बादी शुरू हो गई। निगम ने इनका संचालन निजी एजेंसियों से करवाने का फैसला लिया। टेंडर वगैरह की जद्दोजहद की वजह से करीब डेढ़ साल बाद फरवरी 2018 में इन सेंटरों को 9 लाख रुपए के ठेके पर 5 साल के लिए एक एजेंसी को सौंप दिया गया। निगम को जनसुविधा केंद्रों के ठेके से पांच साल में करीब 45 लाख रुपए की आय का अनुमान था। एजेंसी ने इन्हें शुरू भी कर दिया, लेकिन बसों और सवारी गाडिय़ों के आपरेटरों ने अपने वाहनों को इन स्टॉप से दूर रखा और वे सुविधाजनक तरीके से सवारी भरते रहे। यह सिलसिला अब भी चल रहा है।
इसलिए इन सेंटरों का इस्तेमाल नहीं नहीं हुआ। पहली एजेंसी ने इन्हें कुछ दिन चलाया, लेकिन मेंटेनेंस में घाटा देखकर उसने काम छोड़ दिया। इसके बाद हर तीन-चार महीने में निगम किसी न किसी एजेंसी को यह सेंटर संचालन के लिए देता रहा पर कोई चला नहीं पाया। अंतत: पिछले एक साल से कंपनियों ने भी इनमें रुचि दिखानी बंद कर दी और तब से सेंटर अंधेरे में हैं। जनसुविधा केंद्रों में आम यात्रियों की सुविधा के लिए बैठने की जगह, टॉयलेट के साथ यूटिलिटी शॉप, खाने पीने के सामान की दुकान और मोबाइल के चार्जिंग प्वाइंट जैसी तमाम सुविधाओं को देने का प्लान बनाया गया था। लेकिन ज्यादातर जगहों पर केवल कुछ ही वक्त के लिए चाउमीन नूडल्स की दुकानें ही बस खुल सकी। वो भी बाद में बंद हो गई।
केनाल रोड पर न बीआरटीएस, न सिटी बस
बस शेल्टर और जन सुविधा केन्द्र के निर्माण के दौरान केनाल रोड से बीआरटीएस और सिटी बसों के संचालन की योजना थी लेकिन इस पर आज तक क्रियान्वयन नहीं हो सका। इन वसों के इस रूट से चलने पर बस शेल्टर के साथ जनसुविधा केन्द्रों का संचालन भी किया जा सकता था। यात्री बसों के घड़ी चौक से बस स्टैंड आने-जाने पर रोक लगाने के बाद ये बसें जरूर केलान रोड से आ जा रहीं हैं लेकिन इन बसों में यात्री तेलीबांधा और रिंग रोड में ही चढ़ते-उतरतेे हैं बीच में न यात्री मिलते हैं न इन बसों का ठहराव है। लोकल बस सेवा इस रूट से शुरू होने पर ही बस शेल्टरों और जनसुविधा केन्द्रों का लोग फायदा लेे सकेंगे।
यूटीलिटी सेंटर संचालित हों, कोशिश करेंगे
इस नुकसान के जिम्मेदारों का पता लगाया जाएगा। जनसुविधा केंद्रों को फिर उपयोग के लायक बनाएंगे। जरूरत हुई तो टेंडर निकालकर नई शर्तों के साथ इनका संचालन करवाया जाएगा।
-सौरभ कुमार, निगम कमिश्नर



