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चाइना से निकले कोरोना वायरस की चपेट में आने से 90 हजार हुए संक्रमित

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  •  आयुर्वेदिक चिकित्सा में कोरोना वायरस का इलाज उपलब्ध
  • विश्व भर में कोरोना वायरस से बचने के लिए हो रहे प्रयास 
  • छत्तीसगढ़ में एम्स सहित निजी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश शासन ने दिए

रायपुर। एशिया महाद्वीप में विश्व की तीसरी शक्ति चाइना से निकला कोरोना वायरस अब पूरी दुनिया के लिए परेशानी का सबब बन चुका है। डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी निर्देश के अनुसार विश्व के अनेक देशों में कोरोना वायरस से बचने के लिए नई दवाईयों की खोज पर जहां शोध जारी है वहीं डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार ही अब तक पूरी दुनिया में 90 हजार से अधिक की आबादी कोरोना वायरस की चपेट में आ चुकी है। भारत में भी मुंबई, दिल्ली, बेगलोर, कोलकाता, चेन्नई सहित अन्य महानगरों से पर्यटन के लिए पहुंचे विदेशी सैलानियों के लिए एयरपोर्ट से ही मुफीद चिकित्सा के इंतजाम किये जा रहे हैं। केंद्रीय लोक स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बुधवार को संसद में बयान देकर पूरे देश को कोरोना वायरस की चपेट में आने से बचाने के लिए अलर्ट जारी करवाया है।

जारी अलर्ट के अनुसार बुधवार को ही लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टीएस सिंहदेव छग शासन ने एम्स सहित सरकारी चिकित्सा संस्थानों में पहुंचकर चिकित्सा व्यवस्था कायम करने के निर्देश दिए हैं। एम्स हास्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. एम नितिन नागरकर ने एम्स हास्पिटल में 12 आइसोलेशन वार्ड आज से बनाए जाने की जानकारी दी। इधर निजी चिकित्सा संस्थानों में भी कोरोना वायरस से बचने के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाने की तैयारियां जारी हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हैदराबाद से आये एक मरीज में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाजीटिव पाये गए हैं।
कोरोना वायरस से जूझ रहे विश्व को राहत देने के लिए डॉ. नंदनी पाटनवार ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी देते हुए बताया कि सर्वप्रथम मरीज मुंह में मास्क लगाकर आवाजाही करें।

एक दूसरे के शरीर को न छुएं विशेषकर युवा कपल्स से चुंबन के जरिए मुलाकात न करने की अपील करते हुए हाथ जोड़कर मिलने का आग्रह किया है। डॉ. पाटनवार ने बताया कि कोरोना वायरस से बचने के लिए दो लौंग एक इलायची एक कपूर की टिक्की, एक फूल जावित्री को पीसकर एक साथ पुडिय़ा बनाकर कपड़े में बांधकर वस्त्र के पाकेटों में रखकर आवाजाही करने से कोरोना वायरस से बचा जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कम उम्र के बच्चों को फैलने वाले रोग से चपेट में आने का खतरा ज्यादा होता है। इसी लिए उक्त चिकित्सा के जरिए ही बच्चों को बचाने के लिए उक्त दवा अपने साथ 24 घंटे रखने की अपील भी डॉ. नंदिनी ने की है।
शहर के ही एक ख्याति प्राप्त हकीम ने भी चाइना जाकर कोरोना वायरस की चपेट में आये मरीजों का इलाज करने की इच्छा सोशल मीडिया में व्यक्त की है। उक्त हकीम को सोशल मीडिया में ही अनेक फालोवर्स ने देश में रहकर ही भारतीय जनता को कोरोना वायरस से बचाने का आग्रह किया है।

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