जांजगीर-चाम्पा। जिले में जिला प्रशासन ने दो बाल विवाह रुकवाया। दोनो ही मामले में लड़की नाबालिग थी। बारात घर तक पहुँच चुकी थी। ऐसे में अधिकारियों को विवाह रुकवाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। यहां तक नाबालिगों की उम्र की पुष्टि के लिए स्कूल खुलवाकर मार्कशीट निकाली गई, तब कही जाकर नाबालिगों की उम्र की पुष्टि हो सकी।
मिली जानकारीके अनुसार जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक ही दिन में दो बाल विवाह रुकवाए। पहला मामला डभरा क्षेत्र के ग्राम डोमनपुर का और दूसरा मामला बलौदा क्षेत्र के ग्राम जोबी का है। पुलिस और प्रशाशनिक अधिकारियों की टीम ने दोनो स्थानों पर समय मे पहुंच कर नाबालिग लड़कियों की शादी रुकवाई। जोबी में शादी रुकवाने के लिए टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। यहाँ जब अधिकारियों की टीम पहुँची तो बारात गांव में आ चुकी थी।
अधिकारियों ने कन्या पक्ष के घर मे जाकर जब लड़की के उम्र की तस्दीक की तो घरवालों ने टीम को बरगलाने की पूरी कोशिश की। लड़की के उम्र के सम्बन्ध में घरवालों ने कोई दस्तावेज नही दिखाए और लड़की के बालिग होने की बात पर अड़े रहे। घरवालों ने यहाँ तक कह दिया कि उनकी लड़की कभी स्कूल ही नहीं गई है। ऐसे में लड़की की उम्र को लेकर अधिकारियों को कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिल पा रहा था। अधिकारियों की टीम अब लड़की के उम्र की तस्दीक करने पास के गांव खोखसा के शासकीय प्राइमरी स्कूल में पहुँची। स्कूल के दाखिल खारिज में लड़की का नाम मिला। दाखिल खारिज के मुताबिक लड़की का जन्म वर्ष 2003 में हुआ है, और वर्ष 2009 में उसने कक्षा पहली में प्रवेश लिया था। इसके अनुसार लड़की की उम्र 16 साल पाई गई। इसके बाद अधिकारियों की टीम फिर से जोबी में विवाह स्थल पर पहुँची। लेकिन टीम के पहुचते दूल्हा और बाराती विवाह स्थल तक पहुँच चुके थे। अधिकारियों ने कानून का भय दिखाते हुए किसी तरह दोनो पक्ष को राजी किया और बाल विवाह को रुकवाया।



