नईदिल्ली। पिछले साल 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाए जाने के बाद से नजरबंद नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला को अब रिहा कर दिया गया है. फारूक अब्दुल्ला की इस तरह अचानक हुई रिहाई से हर कोई हैरान है. इन सब के बीच आईबी के विशेष निदेशक और रॉ के पूर्व प्रमुख एएस दुलत ने फारूक अब्दुल्ला की रिहाई को लेकर बड़ा खुलासा किया है. दुलत के मुताबिक वह खुद फारूक अब्दुल्ला से मिले थे, जिसके बाद ही केंद्र सरकार की ओर से उन्हें रिहा करने का फैसला लिया गया. दुलत ने दावा किया है कि मुलाकात के दौरान फारूक ने साफ तौर पर कहा था कि वह और उनका बेटा देश के खिलाफ बिल्कुल भी नहीं है.
दुलत ने बताया कि हाल में उन्होंने जब कश्मीर का दौरा किया था, उस वक्त उन्हें विशेष मिशन के लिए वहां भेजा गया था. उन्होंने बताया कि इस मिशन का नाम मिशन फारूक था. कश्मीर दौरे के दौरान वह फारूक अब्दुल्ला से मिले और इसकी जानकारी उन्होंने एनएसए अजित डोभाल और प्रधानमंत्री कार्यालय को भी दी थी. उन्होंने बताया कि जब वह पूर्व सीएम से मिले तो वह काफी थके हुए लग रहे थे और उनकी तबीयत भी ठीक नहीं लग रही थी. फारूक ने जोर देकर दुलत से कहा कि भारत के लिए वह पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं.



