Home छत्तीसगढ़ नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी के अंतर्गत कृषि विवि द्वारा 100 हैक्टेयर में...

नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी के अंतर्गत कृषि विवि द्वारा 100 हैक्टेयर में तैयार किए जाएंगे सब्जियों के उन्नत बीज

548
0

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी परियोजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी के अंतर्गत बाड़ी कार्यक्रम हेतु किसानों को सब्जियों के उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा एक अभिनव पहल की गई है जिसके तहत मुक्त परागित सब्जी वाली फसलों की उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का उत्पादन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त कृषि विज्ञान केन्द्रों में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त जिलों के कृषकों को अच्छी गुणवत्ता वाले किस्मों के बीज कम कीमत पर उपलब्ध कराना है।

वर्तमान में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अन्तर्गत संचालित 27 कृषि विज्ञान केन्द्रों में कुल 27.43 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मुक्त परागित सब्जी वाली फसलों का बीज उत्पादन कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसे बढ़ाकर आगामी खरीफ एवं रबी मौसम तक लगभग 100 हेक्टेयर क्षेत्रफल में यह कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित मुक्त परागित सब्जियों की किस्म – मटर की (अर्केल किस्म), मेथी की (आर.एम.टी.-305 किस्म), कसूरी मेथी की (के.-1 किस्म), भटा की (पन्त सम्राट एवं इंदिरा व्हाइट किस्म), मूली एवं टमाटर की (पूसा रूबी किस्म), धनिया की (पन्त हरितिमा किस्म), सेम की (इंदिरा सेम-1, इंदिरा सेम-2 किस्म), अजवाइन की (पी.के.एम.-3 किस्म), पालक (ऑल ग्रीन किस्म) एवं भिण्डी तथा लौकी के में किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस बीज उत्पादन कार्यक्रम कि अंतर्गत लताओं से प्रसारण होने वाले सब्जियां जैसे- शकरकन्द, कुन्दरू, खेक्सी एवं परवल के पौष्टिक एवं अधिक उत्पादन वाले किस्म की बीज भी उपलब्ध कराए जाएंगे। मुक्त परागित सब्जी वाली किस्मों में हाइब्रिड किस्मों जैसी समान उत्पादन क्षमता होता है।

मुक्त परागित किस्में हाइब्रिड किस्मों की अपेक्षा रोग प्रतिरोधी, कम उत्पादन लागत स्थानीय बाजारों में अधिक मांग एवं स्थानीय जलवायु हेतु अनुकूल होती है। इस कारण कृषकों द्वारा इन्हें अधिक पसन्द किया जाता है। कृषक यदि मुक्त परागित उन्नत किस्मों वाली सब्जियों का उत्पादन करते हैं तो उन्हें बाजार से बीजों का क्रय नहीं करना पड़ेगा वे स्वयं उच्च गुणवत्ता वाली सब्ज्यिों के बीजों का उत्पादन कर सकते हैं जिससे किसानों के लिए सब्जियों की उत्पादन लागत में कमी आएगी एवं अधिक मुनाफा होगा। मुक्त परागित सब्जी वाली फसलों का बीज उत्पादन करने हेतु कृषकों को ज्यादा तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती कम देख-रेख एवं कम लागत में कृषक हाइब्रिड सब्जी तुलना में इन सब्जियों के बीज स्वयं के खेतों पर उत्पादित कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here