- देशी प्लेन 70 के जगह 80,तो गोवा 80 के जगह 100 पर बेची जा रही
- जनता की जेबो पर आबकारी विभाग का डाका
रायपुर। राज्य भर में आज से शराब दुकानों के शटर खुल गए हैं। इसके साथ ही शराब की बढ़ी कीमतों के बाद भी अतिरिक्त राशि वसूलने का खेल भी शुरू हो गया है। देशी शराबों में जहां प्रति बोतल 10 रूपए तक की वृद्धि की गई है तो वहीं अंग्रेजी शराब के ब्राण्ड में मनमाने तरीके से राशि वसूला जा रहा है।
सूत्रों ने बताया कि दुर्ग जिले में संचालित होने वाली शराब दुकानों में आज पहले दिन से ही अवैध वसूली का खेल शुरू हो गया है। देशी शराब की कीमतों में 10 रूपए तक की वृद्धि की गई है। लेकिन देशी शराब दुकानों में देशी प्लेन, मसाला के पौवा के बोतल के पीछे 10 रूपए अधिक वसूला जा रहा है। देशी शराब दुकानों में किसी भी ग्राहक को बंपर की बोतल नहीं दी जा रही है। देशी शराब के बंपर की कीमत में 10 रूपए की वृद्धि की गई है। लेकिन भ_ी कर्मी पौवा के बोतल में भी 10 रूपए अधिक वसूल रहे हैं।
अध्धी या बंपर की बोतल नहीं होने का हवाला देकर सभी ग्राहकों को पौवा की बोतल ही दे रहे हैं। इससे समझा जा सकता है कि एक बंपर की बोतल न देकर भ_ीकर्मी सीधे 40 रूपए अधिक कमा रहे हैं। इसी तरह अंग्रेजी शराब के ब्राण्ड वाले शराब की अनुपलब्धता बताकर तरह-तरह के ब्राण्ड के शराब बेचे जा रहे हैं। जिले के कुछ शराब दुकानों में 740-760 रूपए की बोतल को सीधे 960 रूपए तक बेचा जा रहा है। वहीं सूत्रों ने बताया कि वर्तमान में एक व्यक्ति को 5000 एमएल से ज्यादा शराब का विक्रय नहीं किया जा सकता, लेकिन लॉकडाउन का फायदा उठाते हुए कई दुकानों से परिचितों को पूरी शराब की पेटी बेची जा रही है। सूत्रों की माने तो ऐसा नहीं है कि आबकारी विभाग को इसकी भनक नहीं है, बावजूद इसके किसी तरह की कार्यवाही न होना इस बात का भी संकेत दे रहा है कि यह पूरा गोरखधंधा विभाग के अधिकारियों के संरक्षण में चल रहा है। दूसरी ओर लॉकडाउन में करीब डेढ़ माह बाद खुले शराब दुकानों में सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ टूट पड़ी है। मदिराप्रेमियों को हर हाल में शराब चाहिए, यही वजह है कि कोई भी ग्राहक अधिक वसूली की शिकायत नहीं कर रहा है।
शासन द्वारा निर्धारित समय पर आज सुबह करीब 8:00 बजे शहर ही नहीं शहर से सटे आउटर स्थानों पर स्थित देसी तथा विदेशी मदिरा दुकानों के शटर खुल गई मदिरा प्रेमियों की लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई लेकिन लाइन में लगने वाले मंदिरा प्रेमियों से देवों पर बड़ा डाका डलने लगा जिसको लेकर मदिरा प्रेमियों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही है।
रायपुर के आउटर पर स्ट्रीट विनर शराब दुकानों में जैसे सिल तारा उरला खमतराई बिरगांव भाटा गांव सरोना में टीमों से अधिक लिया जा रहा है वहीं इस्पात नगरी भिलाई में स्थित सुपेला निवाई सिविक सेंटर में भी यह असर देखने को मिला।
क्या यही राजस्व प्राप्ति की हैं नीति:
मनमाने दामों पर शराब की बिक्री शासन के ऊपर यह प्रश्नचिन्ह जरूर लगा रहा है कि एक ही दिन में शासन लोगों के जेब पर ऐसा प्रहार कर रही है जिसके कारण लोगों की स्थिति सामान्य जनक के जगह चिंताजनक बन जाएगी। कोरोना काल में वैसे भी मध्यमवर्गीय से लेकर सभी वर्ग के लोगों में स्थाई आवास की चिंताएं बढ़ गई है ऐसे में आबकारी विभाग तथा शासन के द्वारा शराब दुकानों में अत्याधिक कीमतों पर शराब की बिक्री करना लोगों के लिए चिंता का सबब है।
तीन मई की रात पारित हुआ संशोधित आदेश :
अचानक बढ़े कीमतों के बारे में दुर्ग जिला आबकारी अधिकारी अरविंद पटले ने समाचार एजेंसी आरएनएस को बताया कि कल रात को संशोधित दरों के आदेश प्राप्त हुए है। जिसके अनुसार देशी का पव्वा 60 की जगह 80 रुपए , गोवा 80 के स्थान पर 90 तथा अंग्रेजी शराब के 740 की पुरानी बोतलों के स्थान पर 820 तथा 830 रुपए लिए जाने के निर्देश है। किंतु कुछ शराब उपभोक्ताओं ने बताया कि नेवई, सिविक सेंटर तथा सुपेला की भठ्ठियों में वाईट एण्ड ब्लूय, लिरॉय तथा इस दर में मिलने वाली शराब की बोतलों को 960 से 1000 रुपए तक की कीमत लेकर बेचा जा रहा है।



