क्या कोरोना वायरस की वजह से लागू हुआ लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown) अभी और आगे बढ़ेगा? क्या कंटेनमेंट जोन को छोड़कर बाकी जगहों से बंदिशें हटा ली जाएंगी? लॉकडाउन से निकलने का प्लान यानी एग्जिट प्लान क्या हो? ऐसे ही सवालों पर चर्चा के लिए पीएम नरेंद्र मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से 5वीं बार मुखातिब हो रहे हैं. यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए (Video-conferencing of PM with CMs) हो रही है. अर्थव्यवस्था (Economy) को पटरी पर लाने, कोरोना को काबू में करने, धीरे-धीरे सहूलियत देने संबंधी कई मुद्दों पर गहन चर्चा के लिए यह मीटिंग कई घंटों तक चल सकती है. इस मीटिंग के बाद यह तकरीबन तय हो जाएगा कि लॉकडाउन बढ़ेगा या नहीं? अगर बढ़ेगा तो किस रूप में बढ़ेगा और नहीं बढ़ेगा तो वैकल्पिक रणनीति क्या होगी.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहले ही लॉकडाउन में राहत की मांग रख चुके हैं. केजरीवाल का कहना है कि लॉकडाउन ने आर्थिक स्थिति बिगाड़ दी है. ऐसे में दिल्ली को खोलना जरूरी है. उनका कहना है कि अगर लॉकडाउन खोलने पर केस बढ़ते भी हैं तो दिल्ली की तैयारी उससे निपटने की लिये पूरी तरह तैयार है. केजरीवाल ने साफ कहा है कि अब हमें कोरोना से साथ ही जीना होगा.
विजय रुपाणी के बाद तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर पीएम मोदी के सामने अपनी बात रखेंगे. उनके बाद राजस्थान के सीएम अशोक गहलौत, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे अपने-अपने राज्यों के हालात से पीएम मोदी को अवगत करायेंगे. इनके बाद बाकी तमाम सीएम अपनी बात रखेंगे. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर शिवराज सिंह चौहान और नीतीश कुमार भी पीएम मोदी को स्थिति की जानकारी देंगे.
पिछली मीटिंग में कुछ मुख्यमंत्रियों को बोलने का मौका नहीं मिला था। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इस बात पर विरोध भी जताया था. इसी को ध्यान में रखते हुए इस मीटिंग में हर मुख्यमंत्री को बोलने का मौका दिया जाएगा. प्रधानमंत्री राज्यों के मुखिया से इस बात पर फीडबैक लेंगे कि 4 मई के बाद लॉकडाउन में दी गई आंशिक छूट का क्या असर हुआ है. साथ ही वह मुख्यमंत्रियों से यह भी जानने की कोशिश करेंगे कि लॉकडाउन को कुछ शर्तों के साथ बढ़ाने के बारे में उनके क्या विचार हैं.
बैठक को लेकर मिली जानकारी के मुताबिक, शुरुआत आंध्र प्रदेश के सीएम से होगी. फिर अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और तीसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी अपनी बात रखेंगी. इसके बाद तमिलनाडु के सीएम पलानीसामी, छत्तीसगढ़ के भूपेश बघेल और गुजरात के विजय रुपाणी का नंबर आएगा.



