कोरोना वायरस संकट के बीच अपने राज्यों से दूर फंसे हुए प्रवासी मजदूरों की घर वापसी जारी है. इस बीच रेल और बस सेवा शुरू होने के बाद भी हजारों मजदूर पैदल ही अपने घर जा रहे हैं. केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने इस मसले पर सभी राज्यों के सचिवों को चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि जब रेल और बस की सुविधा शुरू हो गई है तो मजदूर पैदल क्यों जा रहा है ऐसे में उन्हें समझाकर यातायात के जरिए घर पहुंचाया जाए.
केंद्रीय गृह सचिव ने अपने चिट्ठी में लिखा है कि सभी मजदूरों की घर वापसी के लिए विशेष ट्रेनों और बसों की सुविधा की जा रही है, ऐसे में इसके बावजूद सड़कों पर मजदूरों का वापस जाना जारी है. सभी राज्य सरकारों से अपील की जाती है कि वे अपने यहां मजदूरों को समझाएं और बस-ट्रेन से ही वापस भेजें.
चिट्ठी में लिखा गया है कि जो सड़क-ट्रैक पर चल रहे हैं, उन्हें समझाया जाए और खाने की सुविधा दी जाए. वहीं श्रमिक स्पेशल ट्रेन को लेकर गृह सचिव ने लिखा है कि राज्य सरकारें रेलवे के संपर्क में बनी रहें और श्रमिक ट्रेन की सुविधा को देखते रहें.
MHA to States:
●Ensure smooth movement, including inter-state, of all medical professionals, paramedic staff, sanitation personnel & ambulances etc.
●Private clinics & nursing homes be allowed to open without hindrances
to facilitate fighting #COVID19 & non-COVID emergencies pic.twitter.com/nZJ9J6FDKD— PIB – Ministry of Home Affairs (@PIBHomeAffairs) May 11, 2020
गौरतलब है कि बीते दिनों रेलवे ट्रैक पर या सड़क पर मजदूरों के साथ कई हादसे हुए हैं, जिनमें उन्हें अपनी जान तक गंवानी पड़ी है. इसी के बाद श्रमिक ट्रेन, बसों के संचालन को लेकर सवाल खड़ा हो रहा था.
एक अन्य चिट्ठी में केंद्रीय गृह सचिव ने पैरा मैडिकल स्टाफ, स्वास्थ्यकर्मी, क्लीनिक का मसला उठाया. उन्होंने लिखा कि कई क्षेत्रों से ऐसी शिकायत आ रही है कि स्वास्थ्यकर्मियों को सड़क पर रोका जा रहा है, क्लीनिक खोलने से मना किया जा रहा है.
गृह सचिव ने लिखा कि कृप्या इन रिपोर्ट्स पर ध्यान दें और स्वास्थ्यकर्मियों को किसी तरह की परेशानी ना आने दें. चिट्ठी में लिखा गया है कि स्वास्थ्यकर्मियों को आने-जाने की छूट है, साथ ही वो अपने क्लीनिक भी खोल सकते हैं.



