युवक कांग्रेस के नेता विनोद तिवारी ने शिक्षामंत्री को ज्ञापन सौंप घोटाले की जांच की मांग की
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम को छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम में टैंडर घोटाला में करोड़ों रुपये की अफरा तफरी को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए संपूर्ण मामले की जांच कराने की मांग के संबंध में ज्ञापन सौंपा है।
जानकारी देते हुए प्रेस विज्ञप्ति में तिवारी ने बताया कि पाठ्य पुस्तक निगम में लगातार हर मामले में करोड़ों के घोटाले कर शासन को हानि पहुंचाई जा रही है तथा पापुनि के महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी स्वयं इन घोटालों के रचनाकार है।
नियम विरूद्ध व निविदा प्रक्रिया का धता बताकर अपने संबंधियों, रिश्तेदारों की दागी फ र्मों को ठेका देकर शासन को चूना लगाने की जांच रिपोर्ट आ जाने के बावजूद भी श्री चतुर्वेदी पर अभी तक कार्यवाही नही हो पाई है, जबकि उनके विरूद्ध जांच समिति ने एक मामलें में पुलिस अन्वेषण तथा एफआईआर किए जाने की अनुशंसा भी की गई है। इसके बावजूद भी वे महाप्रबंधक पद पर लगातार बने हुए हैं तथा जांच को प्रभावित व दस्तावेजों में हेर-फेर कर रहे है।
विनोद तिवारी ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि अशोक चतुर्वेदी ने पूर्व प्रबंध संचालक रहे आईएएस संजय अलंग के फर्जी हस्ताक्षर कर एक मामलें में गलत तरीके से निविदा जारी की है।
इसकी जांच में पुष्टि भी हो चुकी है।
वर्तमान आयुक्त, बिलासपुर संभाग तथा पूर्व प्रबंध संचालक श्री संजय अलंग द्वारा लिखे पत्र क्रमांक/1285/स्टेनो/2020 बिलासपुर दिनांक 26 जून 2020 में संजय अलंग ने अवगत कराया है कि विविध मुद्रण शाखा की नस्ती में 51वीं बैठक 28.02.2018 के एजेंडा क्रमांक 13 से संबंधित कार्यवाही विवरण व उपस्थिति पत्रक के प्रथम पृष्ठ पर अंकित प्रबंध संचालक के हस्ताक्षर उनके द्वारा नहीं किए गए है।
कार्यकारिणी की 52वीं बैठक दिनांक 19.04.2018 में उल्लेखित पालन प्रतिवेदन के अंत में पृष्ठ क्रमांक 07 पर किए हस्ताक्षर उनके (संजय अलंग के) द्वारा नही किये गए है। विविध मुद्रण कार्य की एक नस्ती में नोटशीट में संजय अलंग के हस्ताक्षर के नीचे लिखे आगामी कार्यकारिणी में रखें व अनुमोदित की हैंडराइटिंग भी संजय अलंग की नहीं है। श्री अलंग ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि ये दोनों वाक्य उन्होंने नहीं लिखा है। अलंग ने इस प्रकरण में उचित जांच कर कार्यवाही करने को भी लिखा है।
इस प्रकरण में पापुनि के महाप्रंबधक अशोक चतुर्वेदी ने कूट रचित दस्तावेज तथा अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर मनमाने दर पर 6 करोड़ 55 लाख 48 हजार 598 रुपए का ठेका अपने चहेते की दागी फ र्म मेसर्स होप इंटरप्राइजेंस, सुंदरनगर, रायपुर को जारी किया तथा स्कूलों के लिए ग्रीनबोर्ड, रेट्रो रिफलेक्टिव साइन बोर्ड लगाने की निविदा की फ ाइल में फर्जी हस्ताक्षर व कूटरचित दस्तावेज बनाकर शासन को करोड़ो के राजस्व की हानि पहुंचाई व घपला किया है। अवर सचिव शिक्षा ए आर खान ने उपरोक्त निविदा में हुए भ्रष्टाचार तथा कूटरचना मामले में एफआईआर कराने का आदेश जारी किया है। ज्ञापन सौंपने गये प्रतिनिधिमंडल को शिक्षामंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने मामले की जांच करवाकर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।



