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सी आर पी एफ जवान द्वारा आदिवासी युवती से बलात्कार की घटना से सुकमा जिले में गुस्सा भड़का

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सुकमा:- जिले के दुब्बाटोटा गांव की 20 वर्षीय युवती के साथ सीआरपीएफ 150वीं वाहनी के जवान द्वारा बलात्कार करने का मामला प्रकाश में आया है. आरोपी जवान दुलीचंद पांचे निवासी बालाघाट मध्यप्रदेश के खिलाफ दोरनापाल थाना में युवती द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराया गया है. जिसके बाद पुलिस ने सीआरपीएफ जवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपी जवान को छुटटी से लौटने के बाद दुब्बाटोटा स्थित हाई स्कूल भवन में 21 दिनो के लिए क्वारेंटाइन किया गया था. दुब्बाटोटा की रहने वाली पीडिता समेत एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीण बुधवार देर शाम दोरनापाल थाने पहुंचे. पीड़िता ने दुब्बाटोटा स्थित सीआरपीएफ 150वीं वाहिनी के क्वारेंटाइन सेंटर में रखे जवान पर बलात्कार की रिर्पोट दर्ज कराई है. पीड़ित युवती के अनुसार सोमवार 27 जुलाई की दोपहर को युवती और उसकी बहन रोज की तरह गाय बैल चराने हाई स्कूल भवन के पीछे नदी के पास गये थे.

इस दौरान क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे जवान दुलीचंद पांचे पहुंचा और जबरन हाथ पकड़ने लगा. जवान की हरकत को देखकर छोटी बहन मौके से भाग गई. जवान ने पीड़ित का मुंह दबाकर उसे पास के जंगल में ले गया और दुष्कर्म किया. सीआरपीएफ जवान द्वारा आदिवासी युवती के साथ बलात्कार की रिर्पोट दर्ज होने के बाद से ही पुलिस हरकत में आ गई. सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने एएसपी सनील शर्मा को दोरनापाल रवाना किया. दोरनापाल पहुंचने के बाद एएसपी श्री शर्मा ने पीड़िता और ग्रामीणों की शिकायत सुनी. तत्काल सीआरपीएफ जवानों की पहचान पीड़िता से कराई गई. पीड़िता के पहचान के बाद जवान को अभिरक्षा में लिया गया. गुरूवार को पीड़िता और आरोपी जवान का मुलाहिजा कराया गया. दोपहर को पीड़िता को सुकमा न्यायालय के समक्ष पेश कर धारा 164 के तहत बयान दर्ज कर आरोपी जवान को जेल भेज दिया गया. दुब्बाटोटा के ग्रामीणोंं ने बताया कि जवान द्वारा युवती के साथ बलात्कार करने के बाद मामले को दबाने के लिए पैसों का प्रलोभन भी दिया.

27 तारीख को युवती के साथ बलात्कार की घटना के बाद जवान ने दुबारा 29 जुलाई को भी दूसरी युवती के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया. युवती द्वारा मना करने पर पैसों का प्रलोभन दिया गया लेकिन युवती मौके से भागने में कामयाब हुई है और पूरी जानकारी अपने परिजनों को दी. इस तरह गांव की एक युवती के साथ बलात्कार की जानकारी ग्रामीणों को मिली. पूर्व विधायक व आदिवासी नेता मनीष कुंजाम ने मामले की निंदा करते हुए जवान के साथ कैंप प्रभारी पर भी कार्रवाई की मांग की है. उन्होने कहा कि दुब्बाटोटा केम्प स्थित जवानोंं द्वारा महिलाओंं के साथ दुष्कर्म व छेड़छाड़ लंबे समय से किया जा रहा है. महिलायें लोकलाज के डर से थाने तक नहीं पहुंचते है. बलात्कार के आरोपी को पुलिस ने कल ही गिरफ्तार कर लिया है लेकिन छेड़छाड़ करने वाले अन्य जवानों पर कार्रवाई नहीं की गई है. आदिवासी महासभा उक्त दोषी जवानों की गिरफ्तारी की मांग करती है. मनीष कुंजाम ने कहा कि दुब्बाटोटा गांव राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है. उसके बावजूद सीआरपीएफ जवानों द्वारा महिलाओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ व दुष्कर्म की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है. अंदरूनी इलाकों में क्या होता होगा इसे सहज ही समझा जा सकता है. दोषी जवानों पर कार्रवाई नहीं होने की दिशा में आदिवासी महासभा उग्र प्रदर्शन करेगी.

ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन एवं ए आई एस एफ द्वारा सुकमा बंद का आह्वान भी किया गया। विभिन्न सामाजिक सङ्गठनो ने इस घटना की कड़ी निंदा करके रोष जाहिर किया । सुनील शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा का कहना है कि दुब्बाटोटा की 20 वर्षीय युवती ने सीआरपीएफ जवान द्वारा बलात्कार करने की रिर्पोट दर्ज कराई है. युवती की शिकायत के बाद मामले की पड़ताल की गई और आरोपी जवान को गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी ने युवती के साथ बलात्कार करना कबूल किया है. आईपीसी की धारा 376 के तहत मामला पंजीबद्ध कर जेल भेज दिया गया है.

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