नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी की उम्मीद को कांग्रेस ने झटका देते हुए दिल्ली की सभी सीटों पर अकेले ही लोकसभा चुनाव लडऩे का फैसला किया है. कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि आम आदमी पार्टी का प्रस्ताव अव्यवहारिक है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीसी चाको ने शुक्रवार को ऐलान किया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच कोई समझौता नहीं होगा. कांग्रेस सभी सात सीटों पर अपने बलबूते पर चुनाव में उतरेगी. श्री चाको ने कहा कि दिल्ली में आप और कांग्रेस के बीच सहमति के प्रयास किए जा रहे थे. लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. उन्होंंने कहा कि निगम चुनाव में कांग्रेस और आप का वोट प्रतिशत 47 फीसद था. हम चाहते थे कि आप 4 और कांग्रेस 3 सीटों पर लड़े. इस पर करीब-करीब हम सहमत भी हो गए थे. लेकिन आम आदमी पार्टी चाहती थी कि हरियाणा और कुछ अन्य बातों पर भी बात हो और गठबंधन किया जाए. फिर आम आदमी पार्टी की तरफ से बयान आया कि गठबंधन नहीं हो रहा है. यह बहुत अव्यवहारिक फैसला है. हम एक दो दिनों में सभी सात सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा कर देंगे.



