नई दिल्ली। सेना के राजनीतिकरण को लेकर राष्ट्रपति को लिखी गई करीब 150 पूर्व सैनिकों की चिट्ठी पर विवाद और गहरा गया है. राष्ट्रपति कार्यालय की ओर कहा गया है कि उन्हें ऐसी कोई चिट्ठी नहीं मिली है.
ऐसा कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दिन ही यह चिट्ठी राष्ट्रपति भवन को भेजी गई थी. वहीं एनडीटीवी को दिए गए एक संक्षिप्त साक्षात्कार में पूर्व एयर चीफ एनसी सूरी ने कहा कि उन्होंने कोई चिट्ठी नहीं लिखी है और न ही उससे कोई सहमति ली गई है. उनके मुताबिक सेना किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ी है और न ही सरकार के निर्देश पर काम करती है. पूरे मामले में कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोल दिया है. कांग्रेस प्रवक्त प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब पूर्व सैनिकों को सामने आना पड़ रहा है और उन्हें राष्ट्रपति को पत्र से माध्यम से अवगत कराया जा रहा है कि सेना का राजनीतिकरण किया जा रहा है. बता दें कि तीनों सेनाओं के प्रमुखों और 150 पूर्व सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सेना के राजनीतिकरण को लेकर पत्र लिखा था. कथित पत्र में कहा गया है कि सत्ताधारी पार्टी सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऑपरेशनों का श्रेय ले रही है. बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक चुनावी सभा में मोदी सेना तक कह दिया था. जिसके बाद और बवाल हो गया था.



