रांची के झारखण्ड हाईकोर्ट से मिली ज़मानत
रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखण्ड मुक्तिमोर्चा नेता हेमंत सोरेन को हाई कोर्ट से शुक्रवार (28 जून 2024) को बड़ी राहत मिली। झारखंड हाई कोर्ट ने उन्हें जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी। केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेता सोरेन को 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था।
तब उन्होंने ईडी की हिरासत में ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और पार्टी विधायक दल ने सर्वसहमति से अपना मुखिया पार्टी के अनुभवी वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन को चुन लिया था. लोकसभा चुनाव के दौरान कई प्रयासों के बाद भी हेमंत सोरेन को ज़मानत नही मिली थी, इसके बाद से उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने चुनाव प्रचार की कमान सम्हाली, अब वे पार्टी का कामकाज देख रही हैं।
अब झारखंड में विधानसभा चुनाव से पहले हेमंत सोरेन को जमानत मिलना पार्टी के लिए बड़ी राहत है। ऐसे में अब करीब 5 महीने बाद हेमंत सोरेन जेल से बाहर आएंगे।
झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने हेमंत सोरेन को नियमित जमानत दे दी। इससे पहले 13 जून को हेमंत सोरेन के अधिवक्ता और ईडी के एएसजी एस.पी. राजू की दलील पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
रांची के बड़गाई अंचल की 8.86 एकड़ जमीन की हेराफेरी मामले में ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। ईडी की ओर से हिरासत में लिए जाने के बाद हेमंत सोरेन की ओर से अपने पद से त्यागपत्र दे दिया गया था और उसके बाद से हेमंत सोरेन रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में हैं।
बताया जाता है कि इस बीच सरकार को अस्थिर करने तथा पार्टी में तोड़फोड़ करने की कई कोशिशे हुई किन्तु चंपाई सोरेन ने कुशलता से झारखण्ड की सरकार चलाई. अब हेमंत सोरेन के बाहर आने के बाद इंडिया गठबंधन की ताकत में भी बढ़ोत्तरी होना तय है.



