जानवरों के हमलों को रोकने दिल्ली में किसान सभा देगी धरना : छत्तीसगढ़ के पीड़ित भी लेंगे हिस्सा
रायपुर 22 सितंबर 2024। देश के आदिवासी इलाकों में रहने वाले लोगों पर जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों को रोकने में केंद्र और राज्य सरकारों की विफलता के खिलाफ हजारों आदिवासी 25 सितंबर को दिल्ली में धरना देंगे। इस धरना में छत्तीसगढ़ से भी सैकड़ों किसान हिस्सा लेंगे।
यह जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति में अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा के अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर और सचिव कपिल पैकरा ने दी। उन्होंने कहा कि किसान सभा ही एकमात्र ऐसा संगठन है, जो जंगली जानवरों के हमले की समस्या को लेकर अखिल भारतीय स्तर पर अभियान और आंदोलन चला रही है।
किसान सभा नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार की कॉर्पोरेट परस्त नीतियों के कारण देश के जंगल उजड़ रहे हैं और वन्य पशुओं के प्राकृतिक आवास बर्बाद और तबाह हो रहे हैं। खनिज खनन से हो रहे धमाकों के कारण बिफर कर वे वनों में रहने वाले आदिवासियों पर हमला कर रहे हैं। दूसरी ओर, सरकार वन्य पशुओं के संरक्षण और अभयारण्यों के नाम पर आदिवासियों को जंगल से विस्थापित कर रही है। इस प्रकार, कॉरपोरेट लूट के चलते जंगली जानवरों और आदिवासियों दोनों का जीवन-अस्तित्व खतरे में है, जबकि हजारों सालों से दोनों का वनों में सह-अस्तित्व रहा है।
उन्होंने कहा कि वन्य पशुओं के संरक्षण और आदिवासियों के जीवन की रक्षा के लिए मोदी सरकार की कॉर्पोरेट परस्त नीतियों के खिलाफ लड़ना होगा। छत्तीसगढ़ में बस्तर से लेकर सरगुजा तक आदिवासी इस कारपोरेट लूट के चलते उजड़ रहे जंगलों के कारण जंगली जानवरों के हमलों का शिकार हो रहे हैं। इन हमलों से आदिवासियों के जीवन को बचाने की आवाज बुलंद करते हुए सैकड़ों किसान और आदिवासी 25 सितंबर को दिल्ली में ये प्रदर्शन करेंगे, जवाहर सिंह कंवर, अध्यक्ष कपिल पैकरा, सचिव छत्तीसगढ़ किसान सभा (CGKS) ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों के किसान इस धरने में हिस्सा लेंगे।



