Home क्राईम बीजापुर जिले में मुखबिरी के आरोप में दो ग्रामीणों की हत्या

बीजापुर जिले में मुखबिरी के आरोप में दो ग्रामीणों की हत्या

215
0

माओवादी क्रूरता, दो ग्रामीणों की हत्या

बस्तर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में एक बार फिर माओवादियों की क्रूरता सामने आई है। बीजापुर के उसूर इलाके के ” नेला कांकेर” गांव में शुक्रवार देर रात नक्सलियों ने दो ग्रामीणों पर धारदार हथियारों से हमला कर उनकी निर्मम हत्या कर दी। पुलिस मुखबिरी के शक में दोनों की हत्या की गई है।

पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान 25 वर्षीय रवि कट्टम और 38 वर्षीय तिरूपति सोढ़ी के रूप में हुई है। दोनों स्थानीय निवासी थे। वहीं, रवि कट्टम का भाई सीआरपीएफ में है। नक्सलियों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर ग्रामीणों के घरों में जबरन घुसकर वारदात को अंजाम दी।

उन्होंने दोनों को घर से बाहर निकाला और पुलिस मुखबिर होने का आरोप लगाते हुए बीच गांव में ही धारदार हथियारों से उनकी हत्या कर दी और उसके बाद माओवादी जंगल भाग निकले।

पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने बताया कि पूरे क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। लगातार सरेंडर होने से नक्सली बैकफुट पर हैं और इस वजह से ऐसी हरकत को अंजाम दे रहे हैं।

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा कल इसी क्षेत्र में नंबी जलप्रपात तक मार्ग निर्माण की सौगात दी थी। उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए रेड कार्पेट से स्वागत की बात को दोहराया था तथा जो नही आयेंगे वे सुरक्षा बलों का निशाना बनेंगे कहा था। कुछ ही दिन पूर्व ही स्थानीय भाजपा नेता की भी इसी क्षेत्र में हत्या हुई थी।

जहां एक ओर सरकार 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर माओवादी लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here