CBSE ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) छात्रों के लिए 10वीं और 12वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा शुल्क में 50 रू से बढ़ा कर 1200 रू कर दिया है, यानि 24 गुना वृद्धि की है.

नईदिल्ली 11 अगस्त 19 ( एजेंसियां ) सीबीएसई ने पिछले हफ्ते फीस वृद्धि की अधिसूचना जारी की और जिन स्कूलों ने पुरानी व्यवस्था के तहत पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है उन्हें छात्रों से फीस का अंतर वसूलने को कहा. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) छात्रों के लिए 10वीं और 12वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा शुल्क में 24 गुना वृद्धि की है. अब इस वर्ग के छात्रों को 50 रुपये के बजाय 1200 रुपये का शुल्क देना होगा. सामान्य वर्ग के छात्रों के शुल्क में भी दो गुनी वृद्धि की गई है और अब उन्हें 750 रुपये के स्थान पर 1500 रुपये देने होंगे. 10वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए छात्रों को नवीं कक्षा में और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए 11वीं कक्षा में पंजीकरण करना होता है. अधिकारी ने बताया कि 12वीं की बोर्ड परीक्षा में अतिरिक्त विषय के लिए एससी/एसटी छात्रों को 300 रुपये अतिरिक्त देने होंगे. पहले अतिरिक्त विषय के लिए इन वर्गों के छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता था. सामान्य वर्ग के छात्रों को भी अतिरिक्त विषय के लिए 150 रुपये के बजाय अब 300 रुपये का शुल्क देना होगा. अधिकारी ने कहा, ‘‘ शत प्रतिशत दृष्टि बाधित छात्रों को सीबीएसई परीक्षा शुल्क से छूट दी गई है. हालांकि, जो छात्र अंतिम तारीख से पहले नई दर के अनुसार शुल्क जमा नहीं करेंगे उनका पंजीकरण नहीं होगा और उन्हें 2019-20 की परीक्षा में बैठने की इजाजत नहीं होगी.”
इसी क्रम में स्थानांतरण शुल्क (माइग्रेशन फीस) भी 150 रुपये से बढ़ाकर 350 रुपये कर दिया गया है. विदेश स्थित सीबीएसई के स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों को अब पांच विषयों के बोर्ड परीक्षा शुल्क के रूप में 10 हजार रुपये देने होंगे. पहले यह राशि पांच हजार रुपये थी. 12वीं की बोर्ड परीक्षा में अतिरिक्त विषय के लिए इस श्रेणी के छात्रों को अब 1000 रुपये के बजाय 2000 रुपये का शुल्क देना होगा. रोजगार में मंदी, आर्थिक संकट से जूझ रहे कमजोर आर्थिक स्थिति वाले पालको के सामने इस फीस वृद्धि से नया संकट गहरा गया है.



