भिलाई- मुख्यमंत्री कार्यालय की डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया के सूर्या रेसीडेंसी में 39 घंटे बाद आयकर विभाग की जांच पूरी हो गई है। आयकर छापा में डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या के घर से मिले बेनामी प्रॉपर्टी के कई अहम दस्तावेज, घंटों चला ज्वेलरी का वैल्यूवेशन।
केंद्रीय आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार-बुधवार दरमियानी रात लगभग 2 बजे जांच पूरी करके डिप्टी सेक्रेटरी के बंगले से बाहर आ गई है। सौम्या चौरसिया ने एक बंगला और एक फ्लैट अपनी मां डॉ. ओएन चौरसिया के नाम से खरीदा है। जहां न्यू दिल्ली आयकर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर पिताम्बर कुमार व अन्य अधिकारियों के नेतृत्व में लगातार 39 घंटे जांच की गई। यहां जमीन के कई दस्तावेज, बेनामी प्रापर्टी, बैंक खाता, आय से अधिक खर्च के साक्ष्य मिले हैं। प्रॉपर्टी के कागजों में कई रजिस्ट्री कागज भी शामिल है। जिसे पिछले दो वर्षों में खरीदना बताया जा रहा है। तलाशी में मिले अधिकांश कागजों में दर्जनों लोगों के नाम और संख्या लिखी मिली है। आय से अधिक खर्च पर टीम ने पिछले 6 वर्ष के रिकॉर्ड भी तलाशे गये और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी इकट्ठा किया गया है। बड़ी मात्रा में मिली ज्वेलरी के मूल्यांकन के लिए सराफा व्यापारी को बुलाया गया था। करीब 2 घंटे तक उन्होंने ज्वेलरी वैल्यूवेशन किया।
दोनों मकान में गया वैल्यूवर, दो घंटे तक की जांच जानकारी के मुताबिक आईटी की टीम ने सोना-चांदी आभूषणों व बिस्किट आदि की वैल्यूवेशन के लिए ज्वेलर्स वैद्य को बुलाया था। वे करीब दोपहर 12.31 बजे पहुंचे। उनके साथ उनका बेटा भी था। हाथ में दो बैग में मशीन लिए हुए थे। पहले उन्हें बंगला ए/21 में ले जाया गया। फिर फ्लैट 104 में ले गए। जहां सोने-चांदी की जांच की। दोपहर करीब 2.30 बजे रवाना कर दिया गया।
ड्राइवर पर कसा शिकंजा गया
डिप्टी सेक्रेटरी के ड्राइवर पर शिकंजा कसते हुए आईटी टीम ने उससे पूछताछ की। वाहन चालक के नाम से सौम्या चौरसिया जो मोबाइल सिम चला रही थी। सूत्रों के मुताबिक सौम्या ने मोबाइल व उसकी सिम को रायपुर में तोड़कर नष्ट किया है। आयकर विभाग की टीम ने उस सिम की डाटा रिकवरी के लिए दूसरा सीम खरीदा। उसके डाटा की रिकवरी के लिए आईटी के अधिकारियों ने एएसपी को पत्र लिखा है।
सिम चालक पन्ना लाल के नाम की थी। आयकर विभाग के एक दल ने मंगलवार को सुबह 11.42 बजे उस बाहर ले गए। उसे वापस दोपहर 2.42 बजे फिर वापस लाए और बंगला ए/21 में ले गए। जहां उससे पूछताछ की। उसने बताया कि मैडम ने दो घंटे के अंतराल में बीएसएनएल का सिम खरीदा। वहीं 28 फरवरी को सरकारी फाइल से भरे पांच बैग गाड़ी में रखा था और पचपेड़ी में सौम्या चौरसिया को छोड़ दिया था। आयकर की टीम ने पन्ना लाल को पचपेड़ी भी लेकर गई थी।
आयकर विभाग के सूत्रों से जानकारी मिली है कि, न्यू दिल्ली आयकर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर पिताम्बर कुमार ने सिटी एसपी को पत्र लिखा है। दरअसल सौम्या चौरसिया ने आकर विभाग के टीम से कहा है कि 28 फरवरी को उनका मोबाइल 9424170640 कही गुम हो गया है। इसे लेकर आयकर की टीम ने धारा 132(2) इनकम टैक्स अधिनियम 1961 के तहत सिटी एसपी से डाटा रिकवर करने में मदद मांगी है।
बीएसएनएल कंपनी के क्षेत्रीय जनरल मैनेजर से किया संपर्क
आयकर विभाग के दल ने बीएसएनएल कंपनी के जिला दुर्ग क्षेत्रीय जनरल मैनेजर से भी संपर्क साधा है। उनसे भी मोबाइल सीम से डाटा रिकवर करने मदद मांगी है। हलांकि सेक्टर- 1 बीएसएनएल कार्यालय से मदद नहीं मिली। आयकर विभाग की टीम सौम्या चौरसिया द्वारा उपयोग किए जा रहे मोबाइल से डाटा रिकवर करने में जुटे हुए है।
पुलिस जवानों की लगाई गई थी चारों तरफ ड्यूटी आयकर विभाग की टीम सोमवार सुबह 11.45 बजे पहुंची। जहां पुलिस की चारों तरफ से पहरा था। आयकर की टीम सीआरपीएफ के जवानों को सुरक्षा में जांच शुरू की। रात करीब 10.30 बजे सौम्या चौरसिया ने बंगला के अंदर से पुलिस अधिकारियों को आवाज देकर बुलाया। उन्हें निर्देश दिया कि कोई बाहर से सामान अंदर कर सकता है। इसकी आशंका है। मुझे पहले माले पर जाना है। इसलिए बंगले के चारों तरफ पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई जाए। तत्काल पुलिस अधिकारी ने बंगले के चारों तरफ पुलिस का पहरा लगा दिया।
आयकर विभाग की टीम ने डॉक्टर और बैंक एकाउंटेट को बनाया विटनेस
आयकर विभाग की टीम ने सोमवार को बैंक ऑफ बड़ौदा स्मृति नगर ब्रांच के एकाउंटेट संतु प्रसाद ध्रुव को पहला गवाह बनाया। मंगलवार को फ्लैट में चल रही जांच के मद्देनजर दूसरा गवाह डॉक्टर को बनया। सुपेला लाल बहादुर शास्त्री शासकीय अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश पटेल को बुलाया गया था।



