नईदिल्ली। क्षेत्रीय विमानन कंपनी एयर डेक्कन कोरोना वायरस संकट की वजह से पैदा हुए दबाव को नहीं झेल पा रही है और अपना परिचालन बंद करने की घोषणा की है। साथ ही उसने सभी कर्मचारियों को बिना वेतन के छुट्टी पर भेज दिया है। कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए सरकार ने देश में 21 दिन का ‘प्रतिबंधÓ लगा रखा है। इस राष्ट्रव्यापी बंदी से विमानन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
एयर डेक्कन पहली विमानन कंपनी बन गई है जो इस दबाव को नहीं झेल पाई है। एयर डेक्कन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अरुण कुमार सिंह ने कर्मचारियों को भेजे ई-मेल में कहा कि ‘मौजूदा घरेलू और वैश्विक मुद्दों की वजह से नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 14 अप्रैल तक सभी वाणिज्यिक उड़ानें बंद करने का निर्देश दिया है। ऐसे में एयर डेक्कन के पास अगले नोटिस तक अपना परिचालन बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि भारी मन से मुझे यह सूचित करना पड़ रहा है कि एयर डेक्कन के सभी स्थायी, अस्थायी और ठेका कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बिना वेतन के छुट्टी पर भेजा जा रहा है।
एयर डेक्कन के बेड़े में चार 18 सीटों के बीचक्राफ्ट विमान है। एयरलाइन पश्चिम भारत में क्षेत्रीय मार्गों पर परिचालन करती है। मुख्य रूप से एयरलाइन का केंद्र गुजरात है। सिंह ने कहा, ”अगले सप्ताह प्रबंधन कुछ महत्वपूर्ण पदों को जारी रखने के लिए विभाग प्रमुखों के साथ बैठक करेगा। इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि जब उचित समय आएगा तो एयरलाइन सीमित प्रयासों से परिचालन फिर शुरू कर सकेगी। उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से आपको भरोसा दिलाता हूं कि जब डेक्कन अनुकूल परिस्थितियों में परिचालन फिर शुरू करेगी तो सभी मौजूदा कर्मचारियों को उनके वर्तमान पदों पर काम करने का प्रस्ताव पहले दिया जाएगा।



