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छत्तीसगढ़ : कोरोना मुक्त राज्य की दिशा में सबसे आगे

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  • राज्य में केवल एक संक्रमित मरीज
  • लॉकडाउन खुलने अथवा आगे बढऩे को लेकर संशय जारी
  • लॉकडाउन पर अंतिम निर्णय केन्द्र सरकार करेगी तय

रायपुर। एक ओर जहां पूरा देश कोरोना संक्रमण की चपेट में है तो वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ राज्य कोरोना संक्रमण से मुक्त होने की दिशा में काफी आगे निकल चुका है। ऐसे में यह सवाल भी उठना लाजमी है कि क्या 14 अपै्रल को खत्म होने के बाद छत्तीसगढ़ में जनजीवन सामान्य होगा अथवा नहीं?

वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य ही एकमात्र ऐसा राज्य है जो कि लॉकडाउन समाप्त होने के पूर्व ही कोरोना मुक्त राज्य बनने जा रहा है। हालांकि राज्य में अभी केवल एक मरीज ही कोरोना संक्रमित है, लेकिन यह मरीज भी बाहर से आया हुआ है। इस लिहाज से यह कहना गलत नहीं है कि छत्तीसगढ़ राज्य एक तरह से कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुका है। यह गर्व का भी विषय है कि एक ओर जहां देश के अन्य राज्य इस भयंकर बीमारी की चपेट में हैं तो वहीं छत्तीसगढ़ राज्य अब लॉकडाउन के निर्धारित समय सीमा के पहले ही इस आपदा से स्वयं को बाहर निकालने में एक तरह से पूरी तरह सफल हो चुका है। चिकित्सकों ने भी ऐसा संकेत दिया है कि एम्स में भर्ती कोरोना पीडि़त मरीज जल्द स्वस्थ्य हो जाएगा। ऐसे में प्रदेशवासी भी यह जानने को काफी उत्सुक हैं कि क्या 14 अपै्रल को समाप्त होने वाले लॉकडाउन के बाद राज्य में जनजीवन सामान्य हो पाएगा या नहीं? यह एक गंभीर प्रश्न है जिसका वर्तमान में कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि लॉकडाउन खुलने से निर्मित परिस्थितियों से कहीं छत्तीसगढ़ में फिर से हालात न बदल जाएं, लिहाजा लॉकडाउन खोलने के पूर्व सभी ठोस उपाय करना जरूरी है।

वर्तमान में पूरे विश्व के साथ ही भारत भी कोरोना संक्रमण की चपेट में है। देश में कोरोना पीडि़त मरीजों की संख्या 5000 से ऊपर चला गया है जो कि चिंता का विषय है। केन्द्र सरकार ने समय रहते ही देश में जनता कफ्र्यू को प्रयोग के रूप में शुरू किया और देशवासियों ने भी इसका पूर्ण समर्थन किया। इसके बाद पीएम श्री मोदी ने पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन लागू करने की घोषणा की थी। देशवासियों ने इसका भी पूर्ण समर्थन करते हुए अभी तक लॉकडाउन को सफल बनाए रखा है। यह अलग विषय है कि चंद लोगों की भयंकर भूल के चलते आज देश में कोरोना पीडि़तों की संख्या 5 हजार से अधिक हो चुकी है। दूसरी ओर केन्द्र सरकार ने भी ऐसा संकेत दिया है कि देश के जिन जिलों में हालात सामान्य हैं वहां कुछ शर्तों के साथ लॉकडाउन को शिथिल किया जा सकता है। ऐसे में अब राज्य सरकार को तय करना है कि छत्तीसगढ़ में कितने जिलों में

यह लॉकडाउन खत्म किया जा सकता है? हालांकि लॉकडाउन को खत्म करने अथवा आगे बढ़ाने का अंतिम निर्णय केन्द्र सरकार ही करेगी।
गरीब तबका बेहाल : इधर लॉकडाउन को लेकर देश के साथ ही प्रदेश के गरीब तबका सबसे ज्यादा बेहाल है। निम्न वर्ग के लोगों को इस लॉकडाउन का खामियाजा सबसे ज्यादा भुगतना पड़ रहा है। माली, कुली, मजदूर जैसे वर्ग जो कि रोज कमाने और खाने वाले हैं, इनके समक्ष विकट स्थिति निर्मित हो गई है। हालांकि राज्य सरकार के साथ मिलकर कई संगठन काम कर रहे हैं और गरीब जरूरतमंदों तक अनाज भी पहुंचाया जा रहा है, फिर भी इनके समक्ष आने वाले समय को लेकर गंभीर संकट खड़ा है।

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