नईदिल्ली। चीन के कोरोना वायरस के खतरे से उबरने की खबरों के बीच एक और ऐसी खबर आ रही है, जो भारत को डरा रही है। यह खबर है चीनी सप्लायरों द्वारा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स से जुड़े साजो-सामानों की कीमत बढ़ाने की। इससे भारत जैसे देश के निर्माताओं को अपने उत्पाद का दाम बढ़ाने का पर मजबूर होना पड़ेगा क्योंकि यहां के उत्पादक 70 फीसदी तक कच्चा माल चीन से मंगाते हैं।
टीवी के पैनल 15 फीसदी महंगे
उद्योग संगठन फिक्की ने भारत सरकार को दिए एक प्रजेंटेशन में कहा है कि चीन के सप्लायरों ने टेलीविजन पैनल की कीमतों में जहां 15 फीसदी की बढ़ोतरी की है, वहीं कंपोनेंट की कीमत में दो फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इससे न सिर्फ घरों में काम आने वाले सामानों की कीमत बढ़ जाएगी बल्कि टीवी, फ्रिज, एसी, वाशिंग मशीन बनानाा सब महंगा हो जाएगा। इस वजह से लॉकडाउन से निकलने के बाद भी भारतीय अर्थव्यवस्था को एक अलग तरह की दिक्कतों से जूझना होगा।
फिक्की का कहना है कि अर्थव्यवस्था की स्थिति को देखते हुए भारत सरकार उद्योग जगत को करीब 9-10 लाख करोड़ रुपये का स्टिमुलस पैकेज दे। यह सुझाव ऐसे समय आया है, जबकि भारतीय अर्थव्यवस्था लॉकडाउन से निकलने के बाद एक बार फिर से आर्थिक गतिविधियां शुरू करने की तैयारी कर रही है।



