जनाब 20 तारीख के आसपास अपनी बेटी से मिलने सीधी गए हुए थे उसी समय मोदी जी ने जनता कर्फ्यू लगा दिया और इससे पहले की कुछ समझ पाते लॉकडाउन हो गया…बेचारे सीधी में फंस गए!!
वहाँ के SP के निर्देश पर वहीं सीधी जिले के मझोली थाने में आमद दे दी और लग गए काम पर..
सबसे बड़ी बात ये है कि उसी थाने में उनकी बेटी शाबेरा अंसारी बतौर ट्रेनी DSP पदस्थ हैं…शाबेरा 2018 में DSP बनी थी और अभी उनकी ट्रेनिंग चल रही है…और कोई ट्रेनिंग इससे अच्छी क्या होगी जहाँ बाप से सीखने से मिले…
इस कठिन समय मे दोनों एक दूसरे को कुछ न कुछ सीखा ही रहे हैं…बाप का अनुभव बेटी को मजबूत बना रहा है और बेटी का साथ बाप को इस उम्र में भी 20-20 घण्टे नोकरी करने की शक्ति दे रहा है..
और एक बाप के लिए इससे बड़ा कोई सपना नही होता कि वो अपनी औलाद के नीचे काम करे…वो उसे अपने से बड़े पद पर देखे…उसे सर/मैडम कहे… इस डर और दुख के समय में ऐसी बातें पॉजिटिव एनर्जी देती हैं…



