नई दिल्ली। एनडीए का नेता चुने बाद देर शाम पदेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलकर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया. उन्होंने एनडीए के सांसदों की सूची राष्ट्रपति को सौंपी.
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद श्री मोदी ने वहां मौजूद मीडिया को इस मुलाकात की जानकारी दी और कहा कि जल्द ही नई सरकार के गठन की ओर कदम बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद राष्ट्रपति ने मुझे पदेन प्रधानमंत्री का पत्र भी सौंपा है. इस दौरान उन्होंने कहा कि यह कार्यकाल बहुत महत्वपूर्ण और चुनौती भरा है, क्योंकि आजादी के 75 साल, महात्मा गांधी जन्म के 150 साल भी आने वाले हैं.

बडबोलेपन से बचें
इससे पहले नरेन्द्र मोदी को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संसदीय दल का नेता चुना गया. संसद के केन्द्रीय हाल में उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि नए सांसद बड़बोले पन से बचें. जनता ने जो प्रचंड बहुमत दिया है उससे हमारी जिम्मेदारियां और बढ़ जाती हैं. श्री मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्र के उज्जवल भविष्य के लिए गठबंधन की राजनीति शुरू की थी और अब इसे आदर्श बनाने की जरूरत है. राजग अब केवल गठबंधन नहीं बल्कि विश्वस्त आंदोलन बन गया है. श्री मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान पैदा हुई राजनीतिक कटुता को खत्म करने पर जोर देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए. जनप्रतिनिधियों का एक दायित्व होता है और चुनाव के दौरान जो उनके साथ रहे और भविष्य में जो उनके साथ रहेंगे दोनों को समान रूप से लेकर चलने की जरूरत है.



