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Wednesday, February 21, 2024
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विचार और विमर्श

दुर्ग में मनाया गया कवि शैलेन्द्र का 100वां जन्मदिवस

जनवादी लेखक संघ दुर्ग ने मनाया गीतकार शैलेन्द्र का जन्म शताब्दी समारोह दुर्ग - इस सदी के महान जनवादी कवि और विश्व विख्यात फिल्मी गीतकार...

अनुच्छेद 370 पर आपत्ति की सुप्रीम कोर्ट में 20 याचिकाओं पर सुनवाई जारी, संसद...

जो काम संसदको करना चाहिए था वो इस वक़्त सुप्रीम कोर्ट कर रहा है! अनिल जैन चार साल पहले संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाते वक्त...

मणिपुर 2002 का गुजरात: जिन्हें नाज़ है हिंद पर, वो कहां है? जवारीमल्ल पारख)

आलेख : जवारीमल्ल पारख दो कुकी आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र कर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और उसके बाद युवा स्त्री को सामूहिक बलात्कार का...

लोकतंत्र के बुनियादी ढांचों पर हमलों का समय है- राहुल गांधी

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में राहुल गांधी के अंग्रेजी में दिए गए मूल  भाषण का हिंदी अनुवाद   इंडिया न्यूज के लिये विशेष रूप से फ़ीरोज़ शानी (...

लोक शिक्षक की भूमिका में प्रभाकर चौबे पूरी तरह सफल रहे

कवर्धा , स्व.प्रभाकर चौबे स्मृति व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत  सर्किट हाउस कवर्धा के अशोक हॉल में 'हमारा नागरिकता बोध और प्रभाकर चौबे की रचनात्मकता'...

स्त्री साहित्य में पुरुष की रची स्त्रियां वास्तविक स्त्रियां नही हैं -डॉ रोहिणी अग्रवाल

साहित्य में लिखना मेरे लिये राजनैतिक हस्तक्षेप है - डॉ हेमलता माहेश्वर रायपुर। साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद की ओर से दो दिवसीय साहित्यिक कार्यक्रम...

अडाणी के हिंडनबर्ग खुलासे के बाद बाजार धराशायी और 56 इंच खामोश क्यों

अडानी इज इंडिया दावे पर इतना_सन्नाटा_क्यूँ_है_भाई आलेख- बादल सरोज भारत में 21वी सदी के सबसे बड़े घोटाले, ठगी और बेईमानी पर दुनिया भर में भारत की सरकार...

हल्द्वानी में रेलवे जमीन पर अतिक्रमण हटाने के हाइकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट...

सेठों के हुक्म पर, सरकार खाली करा रही है जमीन, अब तक अतिक्रमण से थी अनजान ? आलेख- विजयशंकर सिंह हल्द्वानी( उत्तराखंड) में रेलवे जमीन पर...

शानी की ज्यादातर रचनाओं में बेबसी, भूख और ग़रीबी के किस्से – राहुल सिंह

--गुलशेर खां शानी जी पर केंद्रित कार्यक्रम का दूसरा दिन, शानी की रचनाओं को संवेदना से पढ़ने पर हमें अंतर्दृष्टि मिलती है- वैभव सिंह दिनांक-...

अपने अधिकारों के प्रति दुनिया भर में महिलाओं में चेतना बढ़ी, इंटरनेट ने एकजुटता...

इंसान तब अधिक स्वतंत्रता मांगता है जब उसे ज्यादा दबाया जाता है. ( हिमांशु जोशी ) 2022 में साल भर पूरे विश्व में उथल पुथल...