भिलाई: छत्तीसगढ़ में अनोखा साइबर क्राइम: भुइयां ऐप हैक कर 765 एकड़ सरकारी जमीन लोगों के नाम की, साइबर अपराधी हर दिन नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं, और इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है जिसने पूरे राजस्व विभाग को हिलाकर रख दिया है। एक बड़े साइबर फर्जीवाड़े में, सरकारी भुइयां ऐप को हैक कर पटवारी की आईडी का दुरुपयोग किया गया और 765 एकड़ सरकारी जमीन को निजी संपत्ति बताकर लोगों के नाम कर दिया गया। इतना ही नहीं, फर्जी खसरा नंबर तैयार कर उसी जमीन पर करोड़ों रुपये का लोन भी ले लिया गया।
नंदिनी पुलिस ने इस मामले में सेक्टर-5 निवासी नंद किशोर साहू को गिरफ्तार किया है, जबकि पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश होना अभी बाकी है।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
सूत्रों के अनुसार, यह चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा करीब दो महीने पहले किया गया था, जब अज्ञात आरोपियों ने पटवारी हल्का नंबर 16 के ग्राम अछोटी एवं मुरमुंदा, तहसील अहिवारा, जिला दुर्ग के भुइयां सॉफ्टवेयर को हैक कर लिया। हैकर्स ने फर्जी तरीके से भारतीय स्टेट बैंक शाखा नंदिनी नगर से 36 लाख रुपये का लोन भी आहरित कर लिया। पुलिस ने बताया कि इस पूरे षड्यंत्र को रचने वाले मुख्य आरोपी दिनू राम यादव (निवासी सुंदर नगर वार्ड सिलतरा रायपुर) और एसराम (निवासी अछोटी) हैं।भुइयां ऐप हैक कर 765 एकड़ सरकारी जमीन निजी लोगों के नाम कर दिया।
फर्जी खसरा और करोड़ों का लोन:
आरोपियों ने मूल खसरा नंबर के रकबे में कूटरचित तरीके से नए खसरा नंबर का बटांकन कर नया खसरा सृजित किया। मुख्य आरोपी दिनू राम यादव ने बैंक के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी तरीके से बैंक से रुपए निकाले। यह रकम विभिन्न खातों में हस्तांतरित की गई, जिसमें से 20,26,547 रुपये नंद किशोर साहू के खाते में ट्रांसफर किए गए।भुइयां ऐप हैक कर 765 एकड़ सरकारी जमीन लोगों के नाम कर दिया।
बड़े सिंडिकेट का हाथ, जांच जारी:
पुलिस को अंदेशा है कि इस जमीन फर्जीवाड़े में एक पूरा सिंडिकेट काम कर रहा था। जल्द ही इस मामले में कई बड़े नामों का खुलासा होने की संभावना है। पुलिस ने बताया कि दिनूराम यादव ने 25 जून 2025 को एसबीआई नंदिनी टाउनशिप ब्रांच से 46 लाख रुपये का लोन लिया था। इसके अलावा, 2 जुलाई को एक अन्य व्यक्ति ने कुम्हारी ब्रांच से 36 लाख रुपये का लोन लिया है।भुइयां ऐप हैक कर 765 एकड़ सरकारी जमीन लोगों के नाम कर दिया।
यह मामला तब सामने आया जब संभाग आयुक्त के पास शिकायत पहुंची, जिसके बाद एसडीएम ने भुइयां ऐप में हुई गड़बड़ी को सुधारा। इसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज की गई।भुइयां ऐप हैक कर 765 एकड़ सरकारी जमीन लोगों के नाम की
चार गांवों तक फैला फर्जीवाड़े का जाल:
यह फर्जीवाड़ा मुरमुंदा पटवारी हल्का के चार गांवों तक फैला हुआ है। मुरमुंदा में 75 हेक्टेयर सरकारी और 22 हेक्टेयर निजी जमीन का फर्जीवाड़ा किया गया है, जबकि अछोटी में 45.304 हेक्टेयर सरकारी और 27.087 हेक्टेयर निजी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही सभी आरोपियों को पकड़कर कानून के कटघरे में लाया जाएगा।भुइयां ऐप हैक कर 765 एकड़ सरकारी जमीन लोगों के नाम कर दिया।



